मोहन कैबिनेट के फैसले : मऊगंज-पांढुर्णा में सरकारी जमीन पर खिलेगा ‘कमल’, जबलपुर की बल्ले-बल्ले!
भोपाल। मोहन कैबिनेट की बैठक में जबलपुर के लिए बड़ा फैसला हुआ है, जबलपुर जिले के रांझी में 100 बिस्तर का नया सरकारी अस्पताल बनेगा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लिए बनने वाले इस अस्पताल के लिए पांच एकड़ जमीन देने का फैसला भी हो गया है. इसके अलावा मुरैना जिले में 600 मेगावाट बिजली उत्पादन और भंडारण के लिए भी मोहन सरकार ने गारंटी देने का प्रस्ताव पास कर दिया है. वहीं एक और बड़ा फैसला लिया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के दो नए जिले मऊगंज और पांढुर्णा में बीजेपी के ऑफिस सरकारी जमीन पर बनाए जाएंगे, इसके लिए भी जमीन दी जाएगी. मोहन सरकार ने कई और फैसलों पर भी मुहर लगाई है.
मध्य प्रदेश विधानसभा में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सबसे बड़ी सौगात जबलपुर को मिली है. जबलपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानि श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा. इस अस्पताल का निर्माण जबलपुर जिले के रांझी तहसील में आने वाले रिछाई गांव में होगा. जिसके लिए राज्य सरकार की तरफ से मुहर लगा दी गई है. मोहन सरकार ने इस अस्पताल के लिए पांच एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है. जिसके लिए राजस्व विभाग ने सहमति देती है. यह जबलपुर जिले के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है. कैबिनेट की तरफ से मुहर लगने के बाद अस्पताल का काम जल्द शुरू हो सकता है.
मुरैना को भी फायदा
वहीं मुरैना जिले के लिए भी अहम फैसला लिया गया है. मुरैना में 600 मेगावाट कैपिसिटी का सौर ऊर्जा सह ऊर्जा भंडारण परियोजना शुरू होगी, जिससे मुरैना समेत आसपास के जिलों में बिजली की समस्या कम होगी. वहीं कंपनियों की तरफ से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए भी राज्य सरकार की तरफ से गारंटी दिए जाने के प्रस्ताव पर मोहन कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. जबकि मध्य प्रदेश में शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को भी सरकार की तरफ से मंजूरी दी गई है.
बीजेपी ऑफिस के लिए सरकारी जमीन
वहीं मध्य प्रदेश के दो नए जिले मऊगंज और पांढुर्णा में बीजेपी के ऑफिस खोलने के लिए सरकारी जमीन देने के प्रस्ताव को भी मोहन कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दी गई है, राजस्व विभाग की तरफ से यह सरकारी जमीन दी जाएगी. बता दें कि मऊगंज रीवा जिले से अलग होकर बना है, जबकि पांढुर्णा को छिंदवाड़ा से अलग करके नया जिला बनाया गया है.
