नशे की लत ने इन 5 खिलाड़ियों का करियर किया बर्बाद, 3 की हुई मौत 2 अभी भी जिंदा
नई दिल्ली। हर एथलीट का लक्ष्य उस विशेष खेल में सबसे ऊंचा मुकाम हासिल करना होता है और वो हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं. शीर्ष पर रहना हमेशा उनका मिशन होता है और वो प्रतियोगिता में दूसरों से आगे निकलने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं. हालांकि, कभी-कभी ये हस्तियां ड्रग्स या शराब की लत में पड़ जाती हैं और अतीत में कई स्टार अपना करियर बर्बाद कर चुकी होती हैं.
कई लोगों ने मादक द्रव्यों (नीशीली चीजें) के सेवन के विकार का अनुभव किया है और इसने उनके करियर को कई तरह से प्रभावित किया है. कुछ एथलीट हैं जिन्होंने किसी लत के कारण अपना करियर बर्बाद कर लिया. आज हम आपको उनके बारे में ही बताने वाले हैं.
डिएगो माराडोना: अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी डिएगो माराडोना बीस साल तक कोकीन की लत से जूझते रहे, जिसके कारण उन्हें अपने पूरे करियर में तीन बार निलंबन और कई बार ड्रग टेस्ट में असफल होना पड़ा. 1994 के विश्व कप में स्ट्राइकर ने इफेड्रिन के पांच प्रकारों के लिए सकारात्मक परीक्षण किया, जो वजन कम करने के अलावा ऊर्जा और सतर्कता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, जो मेटाबोलिजम को गति देती है.

इससे पहले 1991 में कोकीन परीक्षण में सकारात्मक पाए जाने के लिए उन्हें नेपोली द्वारा 15 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. उसी वर्ष कुछ महीने बाद उन्हें आधा किलो कोकीन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसके कारण उन्हें 14 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया.
माराडोना नशीली दवाओं के दुरुपयोग से जूझते रहे और उनका स्वास्थ्य बिगड़ता गया. 2000 में उन्हें ओवरडोज हो गया और 2004 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा. कुछ बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद माराडोना ने खुद स्वीकार किया था कि अगर वो कोकीन के संपर्क में नहीं आते तो वो एक महान फुटबॉलर बन सकते थे.
विनोद कांबली: कांबली 1990 के दशक में अपने टेस्ट करियर की शानदार शुरुआत के साथ प्रसिद्धि में आए. हालांकि प्रसिद्धि पाने के बाद उन्हें गिरावट का सामना करना पड़ा. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शराब की लत से अपनी लड़ाई को खुले तौर पर स्वीकार किया है और 14 बार रिहैब सेंटर गए हैं.

एंड्रू साइमंड्स: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स ने अपने पूरे करियर में शराब की लत से संघर्ष किया. उन्होंने पार्टी में पूरी रात बिताने के बाद अक्सर शराब के नशे में मैदान में उतरने के आरोपों को खुले तौर पर स्वीकार किया है. मैदान के बाहर की उनकी समस्याएं अक्सर सुर्खियां बनती थीं और अपार प्रतिभा होने के बावजूद उनके संघर्ष ने उनके करियर और प्रतिष्ठा को प्रभावित किया. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैदान पर अपने धमाकेदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे और शराब के साथ उनकी लड़ाई लगातार चुनौती बनी रही.

जॉर्ज बेस्ट: जॉर्ज बेस्ट एक अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली फुटबॉलर थे जिन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ अपने समय के दौरान सुर्खियां बटोरीं. हालांकि, मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या उनके पूरे करियर में बनी रही. धीरे-धीरे उनकी लत के लक्षण, विशेष रूप से शराब की लत के साथ उनकी लड़ाई बढ़ने लगी और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों पर ग्रहण लग गया. लेकिन यह सिर्फ उनकी स्थिति के खराब होने का अंत नहीं था. यह अंततः उनकी दुखद मृत्यु का कारण बना.
उनकी उपलब्धियों की बात करें तो, उन्होंने 1968 में मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ यूरोपीय कप (चैंपियंस लीग के पूर्व समकक्ष) जीता और उसी वर्ष बैलन डी’ओर से सम्मानित किया गया. साथ ही उन्होंने 1964/65 और 1967/68 में यूनाइटेड के साथ दो सीजन में पुराना फर्स्ट डिवीजन खिताब जीता. वह सिर्फ 27 साल की उम्र में मैनचेस्टर से चले गए और शराब की लत सहित उनकी मैदान पर होने वाली समस्याएं इसका एक कारण थीं.
मार्क बोस्निच: ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर मार्क बोस्निच 1990 के दशक के मध्य में इंग्लिश प्रीमियर लीग के शीर्ष गोलकीपरों में से एक थे. वे एस्टन विला में पेनल्टी-सेविंग विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्ध हुए और 1993/94 और 1995/96 दोनों सत्रों में अपनी टीम को लीग कप जीतने में मदद की. 1999 की गर्मियों में वे मैनचेस्टर यूनाइटेड चले गए और पहले सत्र में उनकी शुरुआत शानदार रही जब टीम ने 1999/00 में खिताब जीता.
ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉलर का वजन बढ़ गया और क्लब ने बाद में फैबियन बार्थेज को साइन करके उनकी जगह ले ली. जनवरी 2001 में वो फ्री ट्रांसफर पर चेल्सी चले गए लेकिन उसके बाद आपदा आ गई. कोकीन के लिए उनका परीक्षण सकारात्मक आया और उन्हें नौ महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया और बाद में चेल्सी ने उन्हें रिलीज कर दिया.
उसके बाद से उनकी लत नियंत्रण से बाहर हो गई और वो पूरी तरह से कोकीन के आदी हो गए. कथित तौर पर वो हर हफ्ते 5,000 पाउंड इस दवा पर खर्च करते थे. फुटबॉल खिलाड़ी कोकीन की लत से पूरी तरह से ग्रसित हो गया. जिससे उसका खेल कैरियर समाप्त हो गया और संन्यास लेने से पहले वह केवल बारह और पेशेवर मैच ही खेल सके.
