CG : गुलाबी गैंग ने किया नाक में दम, नारी शक्ति की अनोखी पहल
कांकेर। हाथ में डंडा, मन में नशा मुक्ति का संकल्प और एक आदर्श गांव की कल्पना का जज्बा. यह गोविंदपुर गांव की महिलाओं के संघर्ष की दास्तां है. महिलाएं अपनी इच्छाशक्ति से गांव की फिजा बदलने की जिद पर अड़ी हैं. लिहाजा साल 2014 में महिलाओं ने गुलाबी गैंग बनाई. अब यह गैंग गांव की रक्षक है और मिशन है गांव को नशामुक्त बनाना.
गोविंदपुर को नशामुक्त करने की पहल: शहर से सटा होने के कारण इस गांव में अक्सर शराबियों का हुड़दंग और उपद्रवियों से गांव वाले परेशान रहा करता थे. लिहाजा महिलाओं ने हाथ में लट्ठ उठाया और शराबियों, उपद्रवियों को खदेड़ने लगे. गांव के लोग इन महिलाओं को गांव के रक्षक भी कहते हैं.
ताकि भविष्य ना हो खराब: गुलाबी गैंग की सदस्य राम बाई गौतम कहती हैं ”बड़े नशा करेंगे तो छोटों को भी लत लग जाएगी. बड़े पीकर गड़बड़ी करते हैं तो छोटे बच्चे भी बिगड़ जाते हैं, इसलिए हमने यह गैंग बनाया है.”
गांव की महिलाओं को सपोर्ट करने घर से निकल रहे: गुलाबी गैंग की सदस्य रुखमणि कहती हैं,”हम चाहते हैं कि बच्चे नशे की बुरी लत से बचें और महिलाओं को भी किसी तरह की कोई परेशानी न हो.” रुखमणि यह भी कहती हैं कि मैं यह सोचकर गुलाबी गैंग के साथ निकलती हूं कि सभी महिलाओं का सपोर्ट करूं, गांव में हर उम्र के लोग शराब पीते हैं, गालीगलौज करते हैं, घर में पुरुष दारू पीकर जाते हैं तो मारपीट करते हैं. कई बार तो परिवार भी टूट जाता है.
महिलाएं बताती हैं कि शराब पीकर पुरुष घर में झगड़ा करते हैं और बाहर भी हंगामा करते हैं. यही नहीं शराबी सड़क पर बॉटल भी फेंक देते हैं, जिससे लोगों को चलने फिरने में भी दिक्कत होती है. हम बाहरी और स्थानीय सभी लोगों को पकड़ते हैं. कोई दिक्कत होती है तो पुलिस को इंफार्म करते हैं.
लट्ठ दिखाकर नशा करने वालों को शराब पीने से करते है मना: गुलाबी गैंग की सदस्य ममता साहू कहती हैं हम हाथ में लट्ठ लेकर घूमते हैं. बाहरी और स्थानीय कोई भी नशा करते हुए मिलता है तो उसको ऐसा करने से रोकते हैं. कई बार तो लोग गालीगलौज करते हैं, हमें परेशानी तो होती है लेकिन हम डरते नहीं. पुलिस को इंफार्म करते हैं.
पंचायत से गुलाबी गैंग को मिल रही मदद: ग्राम पंचायत गोविंदपुर के सरपंच दीपक मंडावी भी कहते हैं कि पंचायत की तरफ से भी गुलाबी गैंग को मदद की जाती है. यह गांव को नशामुक्त बनाने की पहल है. बच्चों का भविष्य भी संवरेगा.
गुलाबी गैंग की सदस्य राम बाई गौतम भी कहती हैं कि हमारे गांव में पहले बच्चे और महिलाएं सुरक्षित नहीं थे. अब हमारी गैंग निकलती है तो लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं.
नशाखोरी के खिलाफ गुलाबी गैंग की गश्त: वहीं सरपंच दीपक मंडावी ने भी बताया कि नशाखोरी के खिलाफ गुलाबी गैंग की रात में गश्त शुरू होने के बाद गांव के वातावरण में काफी सुधार आया है. पंचायत और गांव के लोगों का गुलाबी गैंग को पूरा समर्थन मिल रहा है. गुलाबी गैंग की महिलाओं की वजह से एक बार फिर गांव में शांति व्यवस्था कायम है.
गुलाबी गैंग में 19 वर्ष से 60 वर्ष की महिलाएं: महिलाओं ने बताया कि गुलाबी गैंग में 19 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक की 20 महिलाएं हैं. रोजाना रात में 8.30 से 11 बजे तक यह टीम गश्त करती है. गांव के स्कूल मैदान, तालाब स्थल, आम बगीचा, साकेत नगर, वृंदावन कॉलोनी सभी जगह इस टीम की नजर रहती है. महिलाएं कहती हैं नशामुक्त गांव बनेगा तो परिवार भी टूटने से बचेगा.
