January 25, 2026

युक्तियुक्तकरण का खेला! : शिक्षकों की काउंसिलिंग के बाद शुरु हुआ अटैचमेंट और न रिलीव करने का खेल, अध्यापन व्यवस्था के नाम पर जारी होने लगे आदेश

YUKTIYUKT

रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में अभी भी खेला चालू है। शिक्षकों की पोस्टिंग के बाद अब अटैचमेंट का खेल शुरू हो गया है। दुर्ग में तीन-तीन शिक्षकों का एक ही विकासखंड में एकल शिक्षकीय बताकर अटैचमेंट किया गया है। अब अध्यापन व्यवस्था के नाम पर हुए अटैचमेंट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वही राजधानी रायपुर में काई शिक्षकों को काउंसिलिंग के बाद दिए गए जगह के लिए रिलीव नहीं कर वापस उन्ही स्कूलों में रोका गया हैं। इतना ही नहीं कुछ एक मामलों में तो जूनियर को सीनियर बनाने का खेल उजागर होने के बाद मामले की लीपापोती की गई हैं। राजधानी में त्रुटिपूर्ण और मनमाने ढंग से अतिशेष के मामले सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी कई संदेहों को जन्म देने लगी हैं। माना जा रहा है कि युक्तियुक्तकरण को लेकर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में इस आदेश को पीड़ित पक्ष उदाहरण के तौर पर पेश कर सकते है।

मिली जानकारी के अनुसार बीईओ दुर्ग ने प्राथमिक शाला आमटी दुर्ग में मधु साहू सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला बोरसीभाटा में रेखा ठाकुर और शासकीय प्राथमिक शाला मुक्तिधाम में सहायक शिक्षक सुधा सोनी को अध्यापन व्यवस्था में संलग्न किया है। सवाल ये है कि अगर ये स्कूल एकल शिक्षकीय रह गये थे, तो फिर काउंसिलिंग से बचे शिक्षकों का इन स्कूलों में पदस्थापन क्यों नहीं किया गया। युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य ही जब एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन स्कूलों को भरना था, तो फिर इन स्कूलों के पदों को पहले ही क्यों नहीं भरा गया ?

जाहिर है शिक्षक संगठन जिस बात की आशंका जता रहे हैं, उन आशंकाओं में ऐसे आदेश और बल दे रहे हैं।

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