January 22, 2026

‘युक्तियुक्तकरण नहीं, शिक्षकों का उत्पीड़न है ये!’ सचिव से वार्ता हुई विफल हड़ताल का ऐलान, साझा मंच ने कहा, हमारी लड़ाई जारी रहेगी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के विरोध में राज्य भर के हजारों शिक्षक सड़क पर उतर आए हैं। सर्व शिक्षक साझा मंच के बैनर तले प्रदेश के 23 शिक्षक संगठनों ने राजधानी रायपुर में मंत्रालय का घेराव किया। इस दौरान शिक्षा सचिव के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन वह विफल रही। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन जारी रहेगा और अब यह क्रमिक धरने के रूप में आगे बढ़ेगा।

आंदोलन की नई रणनीति:
शिक्षकों ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद 31 मई से रायपुर, फिर दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और अंत में सरगुजा संभाग के शिक्षक तूता धरना स्थल पर संभागवार क्रमिक धरना देंगे।

क्या है विवाद?
राज्य सरकार द्वारा 10,463 स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (मर्जर) का निर्णय लिया गया है। शिक्षकों का आरोप है कि इससे लगभग 30,000 स्कूलों का पृथक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और करीब 40,000 शिक्षक प्रभावित होंगे। इस फैसले के कारण कई स्कूल बंद हो जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी।

सरकार ने क्या कहा:
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा की बेहतरी के लिए उठाया गया है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि यह केवल संख्या सुधारने की कवायद है, जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की मूलभूत पहचान खत्म हो जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अधिकार प्रभावित होगा।

साझा मंच में ने किया प्रतिनिधित्व
आज साझा मंच की ओर से मनीष मिश्रा, संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, विकास राजपूत, भूपेंद्र बनाफर, जाकेश साहू, कृष्ण कुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, शंकर साहू, कमल दास, अनिल टोप्पो, विक्रम राय धरम बंजारे, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन कुमार बघेल, विष्णु प्रसाद साहू, प्रीतम कोसले गिरीश केशकर, प्रदीप पांडे, राजकिशोर तिवारी, प्रदीप लहरे, और लैलून भारद्वाज, गिरजा शंकर शुक्ला, जितेंद्र शर्मा, धर्मेश शर्मा, ओपी बघेल, अखिलेश शर्मा, राधेश्याम टंडन ने संबोधित किया

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