CM साय ने बढ़ाया जवानों का हौसला, DRG जवानों के साथ खाया खाना, महिला कमांडो ने कहा – पहली बार कोई सीएम उनके बीच आया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा (Dantewada) में आज बेहद खास माहौल था, जब डीआरजी (DRG) के 300 जवान नारायणपुर-बीजापुर बॉर्डर (Narayanpur-Bijapur Border) पर सफल नक्सल ऑपरेशन (Anti-Naxal Operation) को अंजाम देने के बाद सुरक्षित लौटे। इस दौरान DRG के जवानों को गश्त के लिए 200 मोटरसाइकिलें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों के परिवारों से मुलाकात की और DRG के जवानों के साथ बैठकर भोजन भी किया, जिससे उनका मनोबल और भी ऊंचा हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnudeo Sai) और गृहमंत्री ने बासिंग कैंप पहुंचकर जवानों का तिलक कर अभिनंदन (Felicitation Ceremony) किया और उनकी हिम्मत की सराहना की।
27 माओवादी ढेर, सबसे बड़ी कामयाबी में से एक
इस अभियान में सुरक्षा बलों ने सीपीआई (माओवादी) महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (Nambala Keshav Rao alias Baswaraju) को मार गिराया, जो चार दशकों से नक्सली हिंसा की अगुवाई कर रहा था।

बसवराजू ने 200 से अधिक नक्सली हमलों की साजिश और रणनीति तैयार की थी। वह आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम (Srikakulam) जिले का रहने वाला था और बी.टेक स्नातक था।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
डीजीपी अरुण देव गौतम (DGP Arun Dev Gautam) ने बताया कि मुठभेड़ के बाद सभी 27 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद (Arms & Ammunition) बरामद हुए हैं, जिनमें AK-47, INSAS, SLR, 303 राइफल, कार्बाइन, BGL शामिल हैं। यह दिखाता है कि माओवादी पूरी तैयारी में थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।

आईजी सुंदरराज ने दी जानकारी
आईजी बस्तर पी सुंदरराज (IG Bastar P. Sundarraj) ने बताया कि बसवराजू पिछले तीन वर्षों से माओवादी संगठन का महासचिव था और उसने कई बड़े हमलों की योजना बनाई थी। उनकी मौत से संगठन को भारी नुकसान हुआ है।
31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त (Naxalism Eradication) करने का संकल्प लिया है। इस पर डीजीपी गौतम ने कहा कि यदि यह इससे पहले पूरा हो जाए, तो और अच्छा होगा। मौजूदा हालात और ऑपरेशन की सफलता को देखते हुए यह लक्ष्य अब दूर नहीं लगता।
