January 22, 2026

CG : नक्सलियों का ‘सेफ हाउस’, अब बना श्मशान! एक के बाद एक मची तबाही, डबल इंजन सरकार का डबल अटैक!

AMIT NAXAL

रायपुर। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। दिसंबर 2023 में राज्य सरकार बदलने के बाद, केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर काम किया। इससे माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है। सुरक्षा बलों ने लगातार कार्रवाई करके माओवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट कर दिया।

गृहमंत्री बनते ही मिशन में जुटे अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने 2019 में ही नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा था। अब सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने की योजना बना रही है। अमित शाह ने 2019 में गृह मंत्री बनते ही नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने का मिशन शुरू किया था। उनकी योजना थी कि सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित इलाकों में भेजा जाए। इन इलाकों में पहले कभी प्रशासन या पुलिस नहीं पहुंची थी। सरकार का मकसद था कि इन इलाकों के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिले।

डबल इंजन की सरकार का मॉडल
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार बनने के बाद इस योजना को और तेजी मिली। इसे ‘डबल इंजन’ मॉडल कहा गया। इससे पहले बिहार और झारखंड में भी माओवादियों के खिलाफ सफलता मिली थी। अब छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ इलाके में कार्रवाई करने की योजना थी। यहां माओवादी नेताओं का ठिकाना था।

केंद्र सरकार और एजेंसियों ने मिलकर किया काम
2023 के बाद केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों जैसे CRPF, IB और BSF ने मिलकर काम किया। छत्तीसगढ़ सरकार और राज्य पुलिस की DRG और STF जैसी टीमों ने भी पूरा सहयोग दिया। इन प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि 1 दिसंबर 2023 से 21 मई 2025 के बीच छत्तीसगढ़ में 401 माओवादी मारे गए। 1,429 को गिरफ्तार किया गया और 1,355 ने आत्मसमर्पण कर दिया।

युद्ध विराम की अपील कर रहे माओवादी
अब माओवादी सरकार से बातचीत करना चाहते हैं और युद्धविराम की अपील कर रहे हैं लेकिन सरकार किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए। सरकार ‘अंतिम प्रहार” करके नक्सलवाद को खत्म करना चाहती है।

एक झटके में नहीं हराया
माओवादियों को एक झटके में नहीं हराया गया। बल्कि लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। माओवादियों के सुरक्षित ठिकानों को एक-एक करके नष्ट किया गया। सरकार का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इससे लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ रहा है और वे माओवादियों का साथ छोड़ रहे हैं।

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