January 22, 2026

‘बंटी-बबली’ की जोड़ी का कारनामा, व्यापरियों से की करोड़ों की ठगी, अब पुलिस की चालाकी से पहुंचे जेल

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जशपुर । छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने 150 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए, पुलिस ने ‘बंटी-बबली’ की तर्ज पर काम करने वाले दो ठगों को दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं इस मामले में शामिल 2 फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.

‘बंटी-बबली’ की जोड़ी ने ठगे 150 करोड़
जशपुर पुलिस ने एक ऐसे ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर देशभर के व्यापारियों से ठगी कर रहे थे. इस गिरोह ने पत्थलगांव के व्यापारी अमित अग्रवाल से स्वेटर सप्लाई के नाम पर 5 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी की. यही नहीं, यह गिरोह उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 150 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ठगी कर चुका है.

आरोपियों की तलाश में दिल्ली पहुंची पुलिस
व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने SDOP पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की. यह टीम दिल्ली पहुंची और दो दिन तक कैंप लगाकर आरोपियों की तलाश में जुटी रही. आरोपी इतने शातिर थे कि वे वाई-फाई कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे और अपने फोन बंद रखते थे. लेकिन पुलिस ने चालाकी से मुख्य आरोपी अनिता उपाध्याय को ट्रैप किया.

पुलिस ने दिया लालच, जाल में फंसे आरोपी
इस दौरान पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर अनिता को 1000 करोड़ रुपये के ऑर्डर देने का लालच दिया और उसे दिल्ली के होटल ताज में मीटिंग के लिए बुलाया. अनिता को शक न हो, इसके लिए पुलिस ने एक मॉडल को असिस्टेंट बनाकर प्रोफेशनल तरीके से बातचीत की. आखिरकार, अनिता ने अपने बॉस और मुख्य आरोपी रत्नाकर उपाध्याय को बुलाया, जिसे पुलिस ने दिल्ली के सागरपुर में धर दबोचा. गिरफ्तारी के दौरान रत्नाकर उपाध्याय ने खूब हंगामा मचाया। उसने पुलिस पर हमला किया और अपहरण का आरोप लगाकर भीड़ जुटाने की कोशिश की। लेकिन SDOP ध्रुवेश कुमार जायसवाल ने हिम्मत नहीं हारी और दिल्ली पुलिस के पहुंचने तक आरोपी रत्नाकर को काबू में रखा. दोनों आरोपियों, रत्नाकर उपाध्याय और अनिता उपाध्याय को गिरफ्तार कर जशपुर लाया गया.

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
जशपुर SSP शशि मोहन सिंह ने इस ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग की, जबकि सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने पुलिस टीम के लिए नकद इनाम की घोषणा की. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जांच में खुलासा हुआ कि रत्नाकर उपाध्याय के खिलाफ देशभर में 12 से ज़्यादा ठगी के मामले दर्ज हैं. इस गिरोह ने फर्जी बुकलेट्स के जरिए 600 करोड़ के टर्नओवर का दावा किया, जबकि वास्तव में उन्हें केवल 140 करोड़ रुपये ही मिले. रत्नाकर के पास लखनऊ और दिल्ली में 40 करोड़ की संपत्ति और रेंज रोवर गाड़ी भी है, जिनकी जांच की जा रही है.

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