बस्तर का काला सोना, जिसके सामने मशरूम-मटन की सब्जियां भी फेल, प्रोटीन से भरपूर है ये बोड़ा
रायपुर। आपने सब्जियां तो कई किस्म की खाईं होंगी, लेकिन एक सब्जी ऐसी भी है जो सोने के भाव में बिकती है। अब आप सोच रहे होंगे, कि ऐसी भी कोई सब्जी होती है क्या तो जवाब है- हां, कौनसी है वो सब्जी जिसे काला सोना भी कहा जाता है। प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बोड़ा सीमित दिनों के लिए ही बाजार में दिखती है।
आलू की तरह दिखने वाली यह सब्जी बोड़ा है, जो बस्तर के जंगलों में पाई जाती है। जिसे काला सोना भी कहते हैं। जिस तरह सोना बेशकीमती होता है, उसी तरह ये सब्जी भी काफी महंगी होती है। इसे खरीद पाना हर किसी के बस की बात नहीं है, लेकिन कई खूबियों की वजह से महंगे दामों पर भी इसे लोग खरीदकर खाते हैं।
दुनिया की सबसे महंगी सब्जियों में शामिल
बस्तर में उगने वाला बोड़ा मशरूम की एक प्रजाति होती है। सबसे खास बात यह है कि दुनिया की सबसे महंगी सब्जियों की लिस्ट में शामिल बोड़ा की खेती नहीं की जाती। जब मॉनसून की पहली बारिश होती है तो ये अपने-आप ही उगने लगती है। ग्रामीण कोचिया महिला मंगलदेई ने बताया कि वे इसे जंगलों से लाते हैं और फिर बाजारों में बेचते हैं। इसकी कीमत सुनकर हर किसी के होश उड़ जाते हैं, हाल ही में ये बाजारों में 5 हजार रुपए किलो के भाव से बिक रही है।
बोड़ा खाने के क्या-क्या होते हैं फायदे
कई बीमारियों के इलाज में कारगर
कुपोषण, बैक्टीरियल इंफेक्शन, पेट की बीमारियों में
ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद
बोड़ा वजन को करता है कंट्रोल
विटामिन-D, प्रोटीन, फाइबर, सेलेनियम से भरपूर
इंफेक्शन को दूर करने में मददगार
बाजार में बोड़ा 5 हजार रुपए किलो बिक रहा
खाने में स्वादिष्ट बोड़ा इन दिनों बस्तर के बाजार में धूम मचा रहा है। 5 हजार रुपए किलो के भाव से यह बाजार में हाथोंहाथ बिक रहा है। प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर यह तरकारी सीमित दिनों के लिए ही बाजार में दिखती है। बस्तर के बाजार में इन दिनों सीजन की सबसे महंगी सब्जी उपलब्ध है। इसके फायदे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इसकी कई खूबियों की वजह से ही महंगे दामों पर भी इसे लोग खरीदकर खाते हैं। साल में सिर्फ एक बार कुछ ही दिनों के लिए यह मार्केट में उपलब्ध रहता है।
हर वर्ग के लोग खरीदकर खाते हैं
जानकार रुद्रनारायण पाणिग्राही बताते हैं कि बस्तर में हर वर्ग के लोग इसे खरीदकर इसका जायका चखते हैं। लंबे इंतजार के बाद ग्रामीण इलाकों से महिलाएं इसे लेकर बाजार पहुंचती हैं। जानकार बताते हैं कि बारिश के बाद जब धूप खिलती है तो साल के वृक्षों के नीचे जंगलों में यह पनपता है। हाल के दिनों में हुई बारिश की वजह से बोड़ा पनपा और लोगों की रसोई तक पहुंचा। शुरुआती दिनों में इसकी कीमत आसमान पर होती है।
ग्रामीण महिलाएं भी जानती हैं इसके फायदे
ग्रामीण इलाकों से बोड़ा लेकर बाजार आने वाली महिलाएं भी इसके फायदे जानती हैं। जंगल से एकत्रित करने के बाद जब बोड़ा लेकर महिलाएं बाजार पहुंचती हैं तो खरीददारों की लाइन लगती है। इस सीजन में हर दिन 5 से 10 हजार रुपए का मुनाफा प्रत्येक कोचिया महिला को होता है। इनके लिए यह काला सोना से कम नहीं।
बोड़ा शौकीनों के लिए पहली पसंद
जेब भले ही ढीली हो जाए, लेकिन बोड़ा के शौकीनों को इस बात की खुशी रहती है कि उनका इंतजार खत्म हो जाता है। आने वाले 2 से 3 पखवाड़े तक बस्तर के लोग इस तरकारी का जायका लेते रहेंगे। बोड़ा मशरूम की एक प्रजाति है। मशरूम की प्रजाति होने की वजह से इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है। जमीन के भीतर से निकलने की वजह से इसमें मिनरल्स भी काफी मात्रा में होते हैं। इसकी एक और खासियत यह है कि इसकी खेती नहीं की जा सकती।
