June 21, 2026

MP : गेहूं खरीदी में सरकार की सख्ती, सेंट्रल कमांड सेंटर से होगी निगरानी

GENHU

भोपाल। मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अफसरों को सख्त निर्देश दिये हैं कि धान (Dhan Kharidi) और गेहूं उपार्जन (MP Gehu Kharidi), परिवहन और भण्डारण में सामने आने वाली गड़बडियों को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र जल्द विकसित करें. खाद्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आयुक्त खाद्य को दिये निर्देश में कहा कि है धान और चावल के मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर बनाया जाए जिससे खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में भण्डारित किये गये उपार्जित धान एवं गेहूं और चावल की मात्रा, परिवहन और मिलिंग की जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध हो जाए. खाद्य विभाग में जीरो टॉरलेंस की नीति के पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

सदन में मंत्री ने ये कहा था
खाद्य मंत्री ने विधानसभा में सदन को आश्वस्त किया था कि उपार्जन, परिवहन, भण्डारण में गड़बड़ी रोकने के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसेंगें. दरअसल सहकारिता विभाग के सहयोग से मिलकर गड़बड़ी करने वाली समितियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगें.

खाद्य मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया था कि जिन जिलों में समितियों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई है उन पर कठोर कार्रवाई की जाएंगी, किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा.

सीएमआर की रैंडम जांच के निर्देश
प्रदेश में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 के तहत उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य विभिन्न मिलर्स के माध्यम से प्रक्रियाधीन है. खाद्य मंत्री ने प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम को 11 फरवरी 2025 को निर्देश दिये थे कि धान की मिलिंग कार्य उपरांत मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा मुख्यालय स्तर पर एक दल गठित कर मिलिंग के दौरान समय-समय पर सीएमआर की रैंडम जांच सुनिश्चित करें.

जांच के लिए 3 सदस्यीय दल गठित
खाद्य मंत्री ने बताया कि को लिखी गई नोटशीट के संबंध में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 में धान की मिलिंग उपरांत चावल की गुणवत्ता भारत शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए एक 3 सदस्यीय दल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा गठित किया गया है. टीम में मुख्यालय में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक (परिदान), सहायक महाप्रबंधक, गुणवत्ता नियंत्रक (मुख्यालय) को शामिल किया गया है. यह समिति समय-समय पर जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ तत्समय वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगी.

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