फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट से नौकरी पर साय सरकार का बड़ा एक्शन, 186 कर्मचारियों की खुलेगी मेडिकल कुंडली
रायपुर। फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी कर रहे लोगों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है. रायपुर में समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक में बड़ा फैसला हुआ है. इस तरह के 186 केसों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के जरिए जांच कराने पर फैसला हुआ है. जरूरत पड़ने पर राज्य और संभागीय स्तर पर विशेष मेडिकल बोर्ड बनाए जाएंगे. जांच के बाद रिपोर्ट तय समय सीमा में सामने लाई जाएगी.
186 केसों पर साय सरकार की नजर
दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों के मामलों की जांच सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कराई जाएगी. संबंधित लोगों को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होकर अपना परीक्षण कराना होगा. तय समय पर भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले मामलों की भी समीक्षा की जाएगी.
फर्जीवाड़े पर होगी कार्रवाई
सरकार ने मेडिकल जांच की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश तैयार करने पर जोर दिया है. राज्य मेडिकल बोर्ड और संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से प्रमाण-पत्रों की वास्तविकता की जांच की जाएगी. जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा.
गांव गांव पहुंचेगा मेडिकल बोर्ड
दिव्यांगजनों को प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड हासिल करने में परेशानी न हो, इसके लिए दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में विशेष मेडिकल बोर्ड और परीक्षण शिविर लगाने की तैयारी है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होने पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी है.
ट्रांसजेंडर सुविधाओं पर भी बड़ा फैसला
बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए SRS से जुड़ी आर्थिक सहायता और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई. सहायता अनुदान में आवश्यक सर्जरी को शामिल करने और मौजूदा बाजार दरों के अनुसार दरों में बदलाव पर विचार किया गया. सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेंडर क्लीनिक या अलग वार्ड की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई है.
नशामुक्ति केंद्रों पर भी सरकार की नजर
राज्य में संचालित नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन, उपचार व्यवस्था और संचालन की समीक्षा की गई. मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों पर चर्चा हुई है. इसके तहत जिन लोगों का इलाज हुआ है उन्हें दवाई मुहैया कराने पर मंथन हुआ है.
