September 4, 2026

CG : हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बेमेतरा में 200 बंदियों की ओपन जेल तैयार, जेल सुधार की दिशा में बड़ा कदम

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रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के दबाव को कम करने और लंबे समय से सजा काट रहे बंदियों के पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में 200 बंदियों की क्षमता वाली ओपन जेल तैयार की है। इस ओपन जेल को संचालित करने तथा इसके बेहतर प्रबंधन के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब पात्र कैदियों को सामान्य जेलों की तुलना में अधिक खुला, सुधारात्मक और अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।

राज्य सरकार ने ओपन जेल की स्थापना के लिए 14 जुलाई को औपचारिक रूप से अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद, सरकार ने 13 अगस्त को छत्तीसगढ़ ओपन जेल (संचालन एवं प्रबंधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया। इन नियमों के अधिसूचित होने से अब पथर्रा की ओपन जेल को वास्तविक रूप में संचालित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।

जेलों में तय क्षमता से 3,991 अधिक कैदी
छत्तीसगढ़ में इस ओपन जेल की शुरुआत में उच्च न्यायालय ने प्रमुख भूमिका निभाई है। प्रदेश की जेलों में क्षमता से ज्यादा बंदी और उनकी स्थिति से जुड़े आंकड़ों को देखकर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। राज्य की संपूर्ण जेलों में कुल 15,485 कैदियों की स्वीकृत क्षमता उपलब्ध है, परंतु वर्तमान में लगभग 19,476 बंदी निरुद्ध हैं। इस तरह, राज्य की जेलों में तय क्षमता से 3,991 अधिक कैदी रह रहे हैं।

1,843 हुनरमंद कैदी
उच्च न्यायालय में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की जेलों में 340 ऐसे सजायाफ्ता बंदी हैं, जिन्हें 20 साल से अधिक की सजा मिली है और उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट स्तर तक खारिज हो चुकी है। इसके अलावा, 1,843 कैदी बढ़ई, प्लंबर, पेंटर, माली और किसान जैसे उपयोगी हुनर रखते हैं। जेलों में 504 बुजुर्ग बंदी भी निरूद्ध हैं, जबकि महिला बंदियों के साथ 82 बच्चे भी जेल परिसर में रह रहे हैं। चार कैदियों के भागने के प्रयासों के बाद प्रशासन ने इन बंदियों के सुधार, कौशल विकास और पुनर्वास के लिए ओपन जेल प्रणाली को बेहद आवश्यक माना है।

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