बस्तर चाहता था खत्म हो नक्सलवाद, हिंसा, पीड़ा, दर्द की अंतिम कहानी को पीछे छोड़, विकास को नई रफ्तार देने में जुट गया छत्तीसगढ़
रायपुर। बस्तर और बस्तर के लोगों ने यह ठान लिया था कि अब छत्तीसगढ़ से नक्सलबाद को खत्म होना है. यही वजह है कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म हुआ. बस्तर के लोग नक्सल विरोध में सामने आकर खड़े हो गए थे. पीछे फोर्स खड़ी थी. हिम्मत और आत्म बल के साथ पूरा छत्तीसगढ़ खड़ा था. यही वजह है कि नरसंहारों की स्थिति लिखने वाला नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की धरती से पूरे तौर पर खत्म हो गया.
छत्तीसगढ़ से खत्म हुए नक्सलवाद पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव लाया गया. इस पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक-एक साथ 65- 65 लोग शहीद हुए हैं. गांव के गांव जला दिए गए हैं. इस बात का दर्द हमेशा रहा है. आज एक ऐतिहासिक दिन था. हमारे जो जवान शहीद हुए उनके लिए मन व्यथित था. ऐसे में उन्हें श्रद्धांजलि के दो शब्द हमने कहे हैं.
नक्सलवाद का अंत, बस्तर की हिम्मत का परिणाम- रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मेरे समय में भी यह दिक्कत हुई थी और एक बार तीन दिनों के लिए बस्तर पूरे तौर पर ब्लैकआउट हो गया था. नक्सलियों ने सभी बिजली के खभों को ढाह दिया था. उसके बाद मैंने यह संकल्प लिया था कि अब कभी बस्तर में ब्लैकआउट नहीं होगा और अंधेरा बस्तर में नहीं रहेगा. बदलाव के लिए बस्तर के लोग संकल्पित हुए और आज उसका परिणाम है कि बस्तर में बदलाव के लिए नए मापदंड गढ़ दिया. आज सदन अगर बस्तर से नक्सली समाप्ति के लिए धन्यवाद दे रहा है तो यह बस्तर और बस्तर की हिम्मत का परिणाम है.
बस्तर में विकास की बयार बहेगी- सीएम साय
नक्सलवाद के खात्मे को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव कहा कि बस्तर के बदलाव को लेकर तेजी से काम किया गया है. आज नक्सलवाद वहां खत्म हुआ है और अब विकास की नई चीज शुरू होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलाव की बातें शुरू हो गई हैं और अब निश्चित तौर पर बस्तर बदल कर रहेगा. विपक्ष के सदन से बाहर रहने के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विपक्ष का असली चेहरा है. कभी भी बस्तर के विकास के लिए सही दिशा में इन लोगों ने सोचा ही नहीं.
धन्यवाद प्रस्ताव पर जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिन लोगों ने शहादत दी है, उन लोगों के बदौलत ही आज बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है. छत्तीसगढ़ का वह कलंक हमेशा के लिए खत्म हो गया जो छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सल के नासूर के तौर पर था. कांग्रेस के लोगों के सदन से बाहर रहने के मामले पर विजय शर्मा ने कहा कि यही कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र है.
