CG : पहली बारिश में ही उखड़ गई 510 करोड़ की सड़क, लंबी दरारें, डामर भी वह गई, NH-45 का है प्रोजेक्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाई। रतनपुर से पेंड्रा तक बन रही 97 किमी लंबी सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। कई जगहों पर सड़क का लगा डामर भी बह गया है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क नेशनल हाईवे-45 परियोजना का हिस्सा है।
इस सड़क की लागत 510 करोड़ के करीब है। सड़क पर लंबी-लंबी दरारें हैं तो कहीं धंस रही है। हालात तो ऐसे हैं कि डामर की परत में 5 से 10 फीट लंबी दरारें दिखाई दे रही हैं।
पहली बारिश में ही सड़क के उखड़ने पर स्थानीय लोगों पर गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से गुजरने वाले यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस सड़क पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों को कहना है कि सड़क निर्माण ने भारी भ्रष्टाचार किया गया है। इस सड़क के निर्माण का ठेका कोलकाता की एक कंपनी को दिया गया था।
अधिकारियों ने किया था निरीक्षण
बड़ी बात ये है कि 17 जून 2026 को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस सड़क का निरीक्षण किया था। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने निर्देश दिए थे कि सड़क निर्माण में कई जगह गुणवत्ता की कमी है। अधिकारियों ने ठेकेदार को खामियों को दूर करने को कहा था। लेकिन विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
क्यों महत्वपूर्ण है ये सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क बिलासपुर, रतनपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को जबलपुर और अमरकंटक से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। राहगीरों कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया।
मिट्ठी में डाल दिया गया डामर
स्थानीय लोगों को कहना है कि सड़क निर्माण में लापरवाही की गई है। घटिया सड़क का निर्माण किया गया है। लोगों का कहना है कि मिट्टी का बेस बनाकर मुरूम के ऊपर सीधे डामर की परत चढ़ा दी गई है।
