July 22, 2026

वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट, अब तक 20 मजदूरों की मौत, 15 घायलों का इलाज जारी

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सक्ती। वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हुई है. 15 घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है. मरने वाले मजदूरों में 5 मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और 15 दूसरे राज्यों के हैं. मंगलवार को बॉयलर के अंदर ब्लास्ट हुआ था. इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि हम इस घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. वहीं कुछ मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज रायपुर में चल रहा है.

कुल करीब 42 लाख का मुआवजा
प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. वहीं प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके साथ ही, कंपनी की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है.

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, कांग्रेस ने भी बनाई टीम
जिन घायलों का इलाज चल रहा है उनके इलाज का खर्च भी प्लांट प्रबंधन उठाएगा. इधर, जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रियल इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं. जिला प्रशासन की टीम भी हादसे की जांच 8 बिंदुओं पर करेगी.

एक तरह जहां मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, वहीं इस दुखद हादसे पर सियासत भी तेज होने लगी है. कांग्रेस ने भी हादसे की जांच के लिए अपना एक जांच दल बनाया है. ये दल पीड़ित परिवारों और मजदूरों से मिलकर हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाएगा. कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने मृतकों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवज़े की भी मांग की.

कैसे हुआ हादसा, प्लांट की पूरी जानकारी जानिए
मंगलवार की दोपहर छत्तीसगढ़ का सक्ती जिला पावर प्लांट हादसे से दहल गया. वेदांता लिमिटेड के एक पावर प्लांट में बॉयलर के अंदर ब्लास्ट हो गया. बॉयलर का ट्यूब फटने से यह हादसा हुआ है.

दरअसल, सिंहितराई में 1,200 MW के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 MW की दो यूनिट) का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था. जिसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था. लेकिन निर्माण 2016 से 2022 के बीच रुका रहा. वेदांता ने 2022 में इस प्लांट को अधिग्रहित कर लिया, जिसके बाद पिछले साल अगस्त में 600 MW की एक यूनिट पूरी होकर चालू हो गई, जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी चल रहा है.

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