March 5, 2026

Sheetala Ashtami 2026 : कब है शीतला अष्टमी? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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रायपुर। Sheetala Ashtami 2026 Date: सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन माता शीतला का पूजन और व्रत किया जाता है. शीतला अष्टमी का व्रत हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. इस व्रत को लोग बसौड़ा भी कहा करते हैं, क्योंकि इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है.

मान्यता है कि बासी भोग लगाने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता शीतला का व्रत और पूजन करने जीवन में खुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. माता का व्रत और पूजन करने से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

शीतला अष्टमी कब है? (Sheetala Ashtami 2026 Kab Hai)
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा.

शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त (Sheetala Ashtami 2026 Puja Subh Muhurat)
शितला अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में इस साल शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम को 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.

शीतला अष्टमी पूजा विधि (Sheetala Ashtami Puja Vidhi)
शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान करें और फिर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. फिर घर के मंदिर में चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा या तस्वीर रखें. इसके बाद विधि-विधान से माता की पूजा करें. पूजा के दौरान माता के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं. बासी भोजन का भोग अर्पित करें. व्रत कथा का पाठ करें. अंत में आरती से पूजा का समापन करें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. जनरपट इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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