बेमेतरा में कांग्रेस का मनरेगा बचाओ आंदोलन, मोदी सरकार पर बोला हमला, वीबी जीरामजी का विरोध
बेमेतरा। मोदी सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी योजना कर दिया है. नाम बदले जाने का कांग्रेस विरोध कर रही है. बेमेतरा में इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने पैदल मार्च निकाला और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया. कांग्रेस नेताओं ने बेमेतरा के राजीव भवन से पैदल मार्च करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए बड़ी संख्या में कांग्रेसी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे.
मनरेगा को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल
कांग्रेस नेताओं ने यहां कलेक्टर दफ्तर का घेराव किया और कलेक्टर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.घेराव में प्रदेश के पूर्व संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहे.

बेमेतरा में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
बेमेतरा के राजीव भवन से नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी बड़ी संख्या में बेमेतरा कलेक्ट्रेट पहुंचे. जहां कलेक्ट्रेट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेट्स के ऊपर चढ़कर जमकर नारेबाजी की है. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने बेमेतरा के तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा को देश के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है.
कांग्रेस ने रखी तीन मांगें
महामहिम और पीएम को लिखे ज्ञापन में जिला कांग्रेस ने कुल तीन मांगें रखी है. जो इस प्रकार है.
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखा जाए.
मनरेगा के अंतर्गत पंचायतो एवं ग्राम सभाओं को पूर्व की भांति योजना निर्माण, क्रियान्वयन एवं निगरानी के पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्रदान किए जाएं
वर्तमान मंहगाई एवं जीवन-यापन की वास्तविक लागत को देखते हुए मनरेगा के अंतर्गत न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की जाए.
मनरेगा का नाम बदलना बड़ी साजिश- कांग्रेस
बेमेतरा जिला पंचायत के सदस्य एवं कांग्रेसी नेता हरीश साहू ने मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम को बदलकर जो योजना लाने का काम किया है. उसमें राज्य सरकार को 40 फ़ीसदी की राशि देने को कहा है जब राज्य सरकार के पास पैसे नहीं है तो यह योजना कैसे चल सकती है हालत यह है कि राज्य में प्रदेश सरकार के कोई भी कार्य नहीं हो रहे है तो 40 फीसदी राशि राज्य सरकार कैसे देगी?
तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं सोनिया गांधी के द्वारा मजदूरों के हितों में मनरेगा योजना लाई गई थी. इसमें मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिया जाता था. अब मोदी सरकार इसे षडयंत्रपूर्वक बदलने का काम कर रही है. इसमें हम स्वीकार नहीं करेंगे- आशीष छाबड़ा, पूर्व विधायक
मनरेगा को लेकर कांग्रेस ने साफ ऐलान किया है कि वह इस योजना को बदले जाने के खिलाफ हैं.मोदी सरकार इस योजना को अपने मूल स्वरूप में जब तक वापस लाने का काम नहीं करती है तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
