इंदौर में दूषित पानी से 4 और मौतें: मरने वालों की संख्या 13 हुई, दुधमुंहे बच्चे की भी गई जान, हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नलों में दूषित पानी बह रहा है। यहां के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार, 31 दिसंबर को 4 और मौतों का खुलासा हुआ। इनमें 5 महीने का मासूम बच्चा और तीन बुजुर्ग शामिल हैं। सैकड़ों मरीज अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। एक मौत की अभी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, जांच में दोषी जिम्मेदार अफसरों पर होगी कार्रवाई।
यहां बता दें, जिस मासूम अव्यान की जान गई, उसे कोई बीमारी नहीं थी। परिजनों का कहना है कि उसे बाहरी दूध दिया जा रहा था। मां साधना ने इसी दूध में थोड़ा सा नगर निगम से सप्लाई होने वाला पानी मिलाया था। इसे पीकर अव्यान की तबीयत ऐसी बिगड़ी कि सोमवार, 29 दिसंबर को अस्पताल ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसी तरह, पानी की टंकी के पास रहने वाले जीवनलाल बरेडे (80) की 28 दिसंबर को मौत हो गई। परिजन का कहना है कि दूषित पानी पीने से उनकी तबीयत बिगड़ी थी। भागीरथपुरा निवासी अशोकलाल पंवार पहले से बीपी सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। उनकी भी मौत हो गई।
अशोकलाल को कुछ दिन पहले उल्टी-दस्त शुरू हुए। हालत बिगड़ने पर उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, पर 25 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। इमली गली में रहने वाले शंकर भाया (70) की भी जान चली गई।
10 साल की मन्नतों के बाद हुआ था अव्यान
अव्यान के पिता सुनील साहू ने बताया कि बेटे का जन्म 8 जुलाई को हुआ था। दो दिन पहले बच्चे को बुखार और दस्त शुरू हुए। सुभाष नगर में बच्चों के डॉक्टर को दिखाया। दवाइयां दी गईं, पर फायदा नहीं हुआ। सोमवार रात तेज बुखार और लगातार दस्त शुरू हो गए। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। सुनील कहते हैं- ‘10 साल की मन्नतों के बाद बेटा हुआ था।’ लाड़ले अव्यान की मौत से मां साधना की हालत खराब है।
162 में 26 मरीजों की हालात गंभीर
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इंदौर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में अब तक 212 मरीज भर्ती हो चुके हैं। 50 डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। 162 का इलाज जारी है, 26 आईसीयू में हैं। प्रभावित क्षेत्र में 7,992 घरों का सर्वे किया गया है। 39,854 लोगों की जांच हुई।
मृतकों के नाम
ताराबाई कोरी (70 साल)
नंदलाल पाल (75 साल)
उमा कोरी (31 साल)
मंजुला (74 साल)
उर्मिला यादव (60 साल)
गोमती रावत (50 साल)
सीमा प्रजापत (50 साल)
संतोष बिगोलिया
जीवन लाल बरेडे (80 साल)
अव्यान साहू ( 5 माह)
शंकर भाया (70 साल)
हाईकोर्ट ने कहा- मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाए
हाईकोर्ट ने कहा- सभी मरीजों का मुफ्त इलाज हो गंदे पानी से मौतों के मामले में हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाओं में नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि जितने भी मरीज भर्ती हों, उनका उच्च स्तरीय और मुफ्त इलाज किया जाए। अगली सुनवाई 2 जनवरी को होगी यानी शुक्रवार तक सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी।
वार्ड 57 जेल रोड इलाके में भी गंदे पानी की सप्लाई
इंदौर के वार्ड 57 के जेल रोड इलाके में भी हालात खराब हैं। 15 मिनट गंदा पानी आता है, फिर कुछ देर साफ और फिर दोबारा गंदा सप्लाई हो रहा है। सोनार गली के लोग पिछले 7 साल से कैंफर (आरओ बॉटल) का पानी मंगवा रहे हैं। यहां के रहने वाले दाऊलाल व्यास बताते हैं, “कैंफर का पानी पीकर भी मेहमान बीमार हो चुके हैं। अब मेहमान आते हैं तो बोतलबंद पानी मंगवाते हैं। नर्मदा का साफ पानी आज तक नहीं मिला है।’
इंदौर के भागीरथपुरा कॉलोनी में दूषित पानी से 12 लोगों की मौत मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने सीनियर लीडर सज्जन सिंह वर्मा और विधायकों की पांच सदस्यीय टीम गठित की है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इसे सरकार की घोर लापरवाही बताया है। समिति सदस्य शीघ्र ही संयुक्त रूप से इंदौर पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और घटना की विस्तृत जांच कर अपना संक्षिप्त प्रतिवेदन 5 जनवरी तक पार्टी कार्यालय को प्रेषित करें।
कमेटी इस प्रकार है-
सज्जन वर्मा (पूर्व मंत्री),
जयवर्धन सिंह (विधायक, पूर्व मंत्री)
भंवर सिंह शेखावत ( विधायक बदनावर, इंदौर)
महेश परमार ( विधायक तराना, उज्जैन)
प्रताप ग्रेवाल ( विधायक सरदारपुर, धार)।
अब तक की कार्रवाई: जोन अधिकारी सस्पेंड, सब इंजीनियर बर्खास्त
मामले में अब तक जोनल अधिकारी (जोन 4) शालिग्राम शितोले और प्रभारी सहायक यंत्री पीएचई योगेश जोशी को निलंबित किया गया है। वहीं प्रभारी उपयंत्री पीएचई शुभम श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई। सीएम ने इस कार्रवाई की जानकारी एक्स पर पोस्ट की थी।
सरकार ने बनाई जांच कमेटी
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। सीएम मोहन यादव ने इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को इस दुखद हादसे में क्षेत्र का दायित्व संभालने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति गठित की गई है। समिति आईएएस नवजीवन पंवार के निर्देशन में जांच करेगी। समिति में प्रदीप निगम, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय को भी शामिल किया गया है।
