दुर्ग में पुलिस का लाठीचार्ज! प्रदर्शन कर रहे जमीन कारोबारियों पर बरसाए डंडे, कई लोग घायल
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सोमवार को जमीन की गाइडलाइन दरों में वृद्धि के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हुआ. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जमीन कारोबारी काला गुब्बारा और काले झंडे लेकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए पैदल रवाना हुए. बढ़ती गाइडलाइन दरों से नाराज व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की.

इसी दौरान भीड़ अचानक उग्र हो गई और हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव का माहौल रहा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.
दोपहर में अचानक प्रदर्शनकारियों की जुटी भीड़
जानकारी के मुताबिक दुर्ग में जमीन कारोबारी पांचवें दिन भी प्रदर्शन कर रहे थे। सुबह से ही बड़ी संख्या में कारोबारी कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन के बीच माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई। दोपहर करीब 1 बजे प्रदर्शनकारी रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ आगे बढ़ती रही।
इस दौरान जवानों ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को पीछे धकेला। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग दिशा में भागे, लेकिन थोड़ी देर बाद दोबारा इकट्ठा होकर विरोध जारी रखा। पुलिस ने सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है। कुछ जमीन कारोबारियों को हिरासत में भी लिया गया है।
अब जानिए जमीन कारोबारियों के विरोध की वजह ?
दरअसल, नई कलेक्टर गाइडलाइंस की वजह से जमीन की कीमतें 5-9 गुना बढ़ गई हैं। जिस जमीन की कीमत पहले 10 लाख रुपए थी, वह अब 70 लाख रुपए हो गई है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर समेत कई जिलों में रियल एस्टेट कारोबारी कीमतों का विरोध कर रहे हैं।
रियल एस्टेट कारोबारियों ने गाइडलाइंस में बदलाव को बेतुका बताया है। उन्होंने सरकार से गाइडलाइंस में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे रजिस्ट्री का बायकॉट करेंगे।
