बंद हो सकती है महतारी वंदन योजना की राशि! 21वीं किस्त के बाद विभाग की बड़ा प्लान, महिलाओं को करना होगा यह काम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की लाभार्थियों के लिए बड़ी खबर है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि पात्र महिलाओं का सत्यापन ई-केवाईसी से कराया जाए। इससे जो अपात्र हैं या फिर जो मृत हैं, उनके नाम काटे जा सकें। सत्यापन के पहले फेज में विभाग ने 4.25 लाख महिलाओं की ई-केवाईसी कराने की बात कही है। इस योजना की पात्र सभी महिलाओं को अपना आधार कार्ड जमा कराने के साथ बायोमैट्रिक निशान भी देना होगा।
जानकारी के अनुसार, जो महिलाएं केवाईसी नहीं कराएंगी उन्हें इस योजना का फायदा मिलना बंद हो जाएगा। पात्र महिलाओं को किसी तरह की समस्या नहीं हो इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों ने बताया कि ई-केवाईसी के लिए महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क कर सकती हैं।

क्यों हो रहा है सत्यापन
महतारी वंदन योजना की हाल ही में उपराष्ट्रपति ने 21वीं किस्त जारी की है। महतारी वंदन योजना में पात्र और अपात्र को लेकर लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है। विधानसभा सत्र में भी इसको लेकर सवाल किया गया था। दावा किया जा रहा है कि इश योजना का लाभ बहुत सी ऐसी महिलाएं ले रही हैं जो इसकी पात्र नहीं हैं। विभाग ने बताया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सूची उपलब्ध करा दी गई है। यहां महिलाओं का महिलाओं का सत्यापन तुरंत कर दिया जाएगा।
5 लाख महिलाओं के नाम कटने का दावा
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का दावा है कि महतारी वंदन योजना से 5 लाख पात्र महिलाओं का नाम काट दिया गया है। दरअसल, यह दावा सरकार के एक दावे के बाद शुरू हुई। अक्टूबर महीने में अमित शाह ने बस्तर दौरे में महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी की थी। इस दौरान 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 606.94 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। जबकि पहली किस्त में 70 लाख से अधिक महिलाओं को पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
क्या कहा कांग्रेस ने
महतारी वंदन योजना में 21 महीने बाद केवाईसी करने की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार अब महतारी वंदन योजना की किश्त की राशि सभी महिलाओं को देना नही चाहती है। योजना में हर माह 606 करोड़ रुपये देना पड़ रहा है इससे सरकार की वित्ति स्थिति खराब हो गई है। अब योजना कि राशि मे कटौती करने के लिए योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए नियम शर्ते लागू की जा रही है। अब सवाल ये उठता है कि अचानक 21 महीना बाद महतारी वंदन योजना से जुड़ी 69 लाख 26 हजार महिलाओं की केवाईसी की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
