September 22, 2026

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना संकल्प पूरा हुआ: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का शुभारंभ किया

चिरमिरी के 100 बिस्तर अस्पताल को जिला अस्पताल बनाने, मनेन्द्रगढ़ के सिद्ध बाबा मंदिर को पर्यटन विभाग द्वारा विकसित करने और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकास के लिए तीन-तीन करोड़ देने की हुई घोषणा

रायपुर| मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मनेन्द्रगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने 200 करोड़ 73 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का फूलमाला, मुकुट पहनाकर, पुष्प वर्षा तथा सरोपा भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने अभूतपूर्व अभिनंदन के लिए क्षेत्रवासियों का आभार जताया और नए जिले की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 9 महीने की 9 तारीख को क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है। यह शुभ दिन इतिहास में दर्ज हो गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिरमिरी के 100 बिस्तर अस्पताल को जिला अस्पताल बनाने, मनेन्द्रगढ़ के सिद्ध बाबा मंदिर को पर्यटन विभाग द्वारा विकसित करने और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकास के लिए तीन-तीन करोड़ देने के घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमने अपने कार्यकाल में अब तक 6 जिला और 85 तहसील बनाए। सबसे पहले हमने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले का गठन किया उसके बाद अन्य 5 जिला का गठन किया। जिले और तहसील बनाने का उद्देश्य प्रशासन को जनता के अधिक करीब लाना है। जितना जिला, तहसील, अनुविभाग कार्यालय जनता के करीब रहेंगे उतनी ही तेजी से और प्रभावी रूप से शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन होगा और युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तेजी से विकास के रास्ते में आगे बढ़ रहे हैं। पहले बिजली मध्यप्रदेश से आती थी अब छत्तीसगढ़ में उत्पादित होती है। हमने कर्ज माफी, राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में है। आज हम 65 लघु वनोपज की खरीदी कर रहे है। दुनिया में छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां गोबर की खरीदी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल की शुरूआत की गई है। वर्तमान में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के 247 स्कूल और 32 हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित हो रहे हैं। आगामी सत्र में 422 हाई और हायर सेकेण्डरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में उन्नत किया जाएगा। नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्कूल खुलेगा, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के बच्चों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रामवन गमन पथ को विकसित किया। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में घोटुल और देवगुड़ी का संरक्षण किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, श्री गुलाब कमरो, श्री विनय जायसवाल ने भी संबोधन दिया। कार्यक्रम में लोक निर्माण एवं गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया और अधिकारीगण उपस्थित थे।

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